क्या हैज़ और निफास वाली औरत क़ुरआन शरीफ़ पढ़ सकती हैं ? (Kya Haiz v Nifas Vali Aurat Ka Quran Padhna Haram hai? )

ऐसे क़ुरआन पढ़ना हराम है. (Kya Haiz v Nifas Vali Aurat Ka Quran Padhna Haram hai?)

मस'अला : हैज़ (महीने) और निफ़ास वाली औरत को क़ुरआन मजीद पढना, देख कर या ज़बानी और उसको छूना अगरचे जिल्द और या हाशिया को हाथ या उंगली की नोक या बदन का का कोई हिस्सा लगाना ये सब हराम है...

याद रखिये इस दौरान औरत दुरूद ए पाक,कल्माये तय्यबा वगैरह बेशक़ पढ़ सकती है बहतर ये है कि वुज़ू करके पढ़े..और दिनी किताबें या क़ुरआन करीम अगर जुज़दान के अदंर हों तो एक जगह से उठा कर दूसरी जगह रखने में कोई हर्ज नही...

अपील :- अपनी बहनों, बेटियों और बीवीयों को पर्दे कि ताक़ीद कीजिये और सख़्ती से इस पर अमल कराइये...

📚 (बहारे शरीअत-जिल्द-1,हिस्सा-2)

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