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जानिये ! अंबिया इकराम के बारे में कुछ तफ्सीली मअलूमात






कमोबेश 124000 अम्बिया इकराम इस रूए ज़मीन पर आये,जिनमे से 313 या 315 ही रसूल हुए, नबी उसको कहते हैं जिसको वही तो आती हो मगर तब्लीग़ पर मामूर हो या ना हो और रसूल वो होता है जिस पर वही भी आती है और उसको तब्लीग़ का हुक्म भी होता है|


📕 मवाहिबुल लदुनिया,जिल्द 2,सफह 46





➤इनमे से 26 अंबिया इकराम का ज़िक्र नाम के साथ क़ुरान में आया है (Inme se 26 Nabiyo ka zikr quran me naam ke saath aaya hai jinme)


01. हज़रत आदम अलैहिस्सलाम

02. हज़रत इदरीस अलैहिस्सलाम
03. हज़रत नूह अलैहिस्सलाम
04. हज़रत हूद अलैहिस्सलाम
05. हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम
06. हज़रत लूत अलैहिस्सलाम
07. हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम
08. हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम
09. हज़रत इस्हाक़ अलैहिस्सलाम
10. हज़रत याक़ूब अलैहिस्सलाम
11. हज़रत यूसुफ अलैहिस्सलाम
12. हज़रत ज़ुलक़िफ्ल अलैहिस्सलाम
13. हज़रत शोएब अलैहिस्सलाम
14. हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम
15. हज़रत हारुन अलैहिस्सलाम
16. हज़रत अलयसअ अलैहिस्सलाम
17. हज़रत इल्यास अलैहिस्सलाम
18. हज़रत यूनुस अलैहिस्सलाम
19. हज़रत उज़ैर अलैहिस्सलाम
20. हज़रत दाऊद अलैहिस्सलाम
21. हज़रत सुलेमान अलैहिस्सलाम
22. हज़रत अय्यूब अलैहिस्सलाम
23. हज़रत ज़करिया अलैहिस्सलाम
24. हज़रत यहया अलैहिस्सलाम
25. हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम
26. हज़रत मुहम्मद सल्लललाहो तआला अलैहि वसल्लम


👉जानिये ! जिन्नों के बारे में कुछ तफ्सीली मअलूमात


👉हजरत खालीद बिन वलीद رضي الله عنه की टोपी

👉हज़रते अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु तआला अन्हु



और 3 अम्बिया का ज़िक्र इशारे के तौर पर हुआ:


01. हज़रत शमवील अलैहिस्सलाम

02. हज़रत यूशअ अलैहिस्सलाम
03. हज़रत खिज़्र अलैहिस्सलाम

📕 फतावा रज़वियह,जिल्द 6,सफह 61




तमाम नबियों में 5 बहुत ज़्यादा मर्तबे वाले हुये:


1. हुज़ूर सल्लललाहो तआला अलैहि वसल्लम

2. हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम
3. हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम
4. हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम
5. हज़रत नूह अलैहिस्सलाम

📕 शरह फिक़हे अकबर,सफह 116



➤तमाम अंबिया इकराम का दीन एक ही था मगर शरीयत अलग-अलग और आमाल भी जुदा-जुदा थे


📕 खाज़िन,जिल्द 2,सफह 50


➤हज़रत याक़ूब अलैहिस्सलाम की औलाद को बनी इस्राईल कहते हैं और इस क़ौम के सबसे पहले नबी हज़रत यूसुफ अलैहिस्सलाम और आखिर में हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम


📕 तफसीरे सावी,जिल्द 1,सफह 139


➤काफिरों की तरफ़ सबसे पहले तब्लीग़ के लिए हज़रत नूह अलैहिस्सलाम को भेजा गया मगर साहिबे शरीयत सबसे पहले हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम हुए.


📕 तफसीरे नईमी,जिल्द 3,सफह 348

📕 उम्दतुल क़ारी,जिल्द 7,सफह 436





➤ अरब क़ौम में 4 नबी पैदा हुए:


1. हज़रत हूद अलैहिस्सलाम

2. हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम
3. हज़रत शोएब अलैहिस्सलाम
4. हुज़ूर सल्लललाहो तआला अलैहि वसल्लम

📕 तफसीरे नस्फी,जिल्द 1,सफह 264




➤ 13 अम्बिया इकराम खतना शुदा पैदा हुए हैं:


01. हज़रत आदम अलैहिस्सलाम

02. हज़रत शीश अलैहिस्सलाम
03. हज़रत नूह अलैहिस्सलाम
04. हज़रत हूद अलैहिस्सलाम
05. हज़रत इदरीस अलैहिस्सलाम
06. हज़रत लूत अलैहिस्सलाम
07. हज़रत यूसुफ अलैहिस्सलाम
08. हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम
09. हज़रत सुलेमान अलैहिस्सलाम
10. हज़रत यहया अलैहिस्सलाम
11. हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम
12. हज़रत शोएब अलैहिस्सलाम
13. हुज़ूर सल्लल्लाहो तआला अलैहि वसल्लम

📕 हयातुल हैवान,जिल्द 1,सफह 97




➤ अब भी 4 अम्बिया इकराम ज़िंदा हैं:


01. हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम

02. हज़रत इदरीस अलैहिस्सलाम
03. हज़रत खिज़्र अलैहिस्सलाम
04. हज़रत इल्यास अलैहिस्सलाम

📕 तफसीरे नईमी,जिल्द 1,सफह 881




➤ अब तक 2 अम्बिया इकराम ने निकाह नहीं फरमाया :


01. हज़रत यहया अलैहिस्सलाम

02. हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम,ये आसमान से उतरने के बाद निकाह करेंगे।


➤ हज़रत दानियाल अलैहिस्सलाम ने दुआ की थी कि मौला मुझे उम्मते मुहम्मदिया में से कोई दफ्न करे तो जब हज़रत अबू मूसा अशअरी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने तश्तर का किला फतह किया तो एक ताबूत में हज़रत दानियाल अलैहिस्सलाम का जस्दे मुबारक इस तरह था कि जिस्म की सारी रगें चल रही थी और खून रवां था,सो आपने उन्हें दफ्न कर दिया।


📕 अलबिदाया वननिहाया,जिल्द 2,सफह 4


➤ हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ने उम्मते मुहम्मदिया में पैदा होने की तमन्ना ज़ाहिर की थी। 


📕 मदारेजुन नुबूवत,जिल्द 1,सफह 114


➤ कोई भी नबी किसी का शागिर्द नहीं बना सिवाये हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम के कि आप इल्म की खातिर हज़रत खिज़्र अलैहिस्सलाम की बारगाह में हाज़िर हुए। 


📕 तफसीरे नईमी,जिल्द 1,सफह 293


➤ नबियों में सबसे लम्बी उम्र हज़रत नूह अलैहिस्सलाम ने पाई आप 1600 साल दुनिया में रहे। 


📕 अलमलफूज़,हिस्सा 1,सफह 6


➤ हुज़ूर सल्लललाहो तआला अलैहि वसल्लम और हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ने बिला वास्ता अपने रब से बात की है | 


📕 तफसीरे सावी,जिल्द 3,सफह 27


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kamobesh 124000 ambiya ikram is rooye zameen par aaye,jinme se 313 ya 315 hi rasool hue,nabi usko kahte hain jispar wahi to aati ho magar tableeg par mamoor ho ya na ho aur rasool usko kahte hain jispar wahi bhi aati ho aur usko tableeg ka hukm bhi ho

📕 Tafseere nayimi,jild 1,safah 855
📕 Mawahibul laduniya,jild 2,safah 46

Inme se 26 ka zikr quran me naam ke saath aaya hai jinme

01. hazrat aadam alaihissalam
02. hazrat idrees alaihissalam
03. hazrat nooh alaihissalam
04. hazrat hood alaihissalam
05. hazrat saaleh alaihissalam
06. hazrat loot alaihissalam
07. hazrat ibraheem alaihissalam
08. hazrat ismayeel alaihissalam
09. hazrat ishaaq alaihissalam
10. hazrat yaqoob alaihissalam
11. hazrat yusuf alaihissalam
12. hazrat zulkifl alaihissalam
13. hazrat shoaib alaihissalam
14. hazrat moosa alaihissalam
15. hazrat haroon alaihissalam
16. hazrat alyasa alaihissalam
17. hazrat ilyaas alaihissalam
18. hazrat yunus alaihissalam
19. hazrat uzair alaihissalam
20. hazrat daood alaihissalam
21. hazrat suleman alaihissalam
22. hazrat ayyub alaihissalam
23. hazrat zakariya alaihissalam
24. hazrat yahya alaihissalam
25. hazrat eesa alaihissalam
26. hazrat MUHAMMAD sallallaho taala alaihi wasallam

Aur teen Nabiyo ka ishare ke taur par aaya hai

1. hazrat shamveel alaihissalam
2. hazrat yusha alaihissalam
3. hazrat khizr alaihissalam

📕 Fatava razviya,jild 6,safah 61

In tamam nabiyon me 5 bahut zyada martabe waale hue

1. huzoor sallallaho taala alaihi wasallam
2. hazrat ibraheem alaihissalam
3. hazrat moosa alaihissalam
4. hazrat eesa alaihissalam
5. hazrat nooh alaihissalam

📕 Sharah fiqhe akbar,safah 116

Tamam ambiya ikram ka deen ek hi tha magar shariyat alag-alag aur aamaal bhi juda-juda the

📕 Khaazin,jild 2,safah 50

Hazrat yaqoob alaihissalam ki aulaad ko bani israyeel kahte hain aur is qaum ke sabse pahle nabi hazrat yusuf alaihissalam aur aakhir me hazrat eesa alaihissalam

📕 Tafseere saavi,jild 1,safah 139

Kaafiron ki taraf sabse pahle tableeg ke liye hazrat nooh alaihissalam ko bheja gaya magar saahibe shariyat sabse pahle hazrat moosa alaihissalam hue

📕 Tafseere nayimi,jild 3,safah 348
📕 Umdatul qaari,jild 7,safah 436

Arab qaum me 4 nabi paida hue

hazrat hood alaihissalam
hazrat saaleh alaihissalam
hazrat shoaib alaihissalam
huzoor sallallaho taala alaihi wasallam

📕 Tafseere nasfi,jild 1,safah 264

13 Nabi Ambiya ikram khatna shuda paida hue hain

01. hazrat aadam alaihissalam
02. hazrat sheesh alaihissalam
03. hazrat nooh alaihissalam
04. hazrat hood alaihissalam
05. hazrat idrees alaihissalam
06. hazrat loot alaihissalam
07. hazrat yusuf alaihissalam
08. hazrat moosa alaihissalam
09. hazrat suleman alaihissalam
10. hazrat yahya alaihissalam
11. hazrat eesa alaihissalam
12. hazrat shoaib alaihissalam
13. huzoor sallallaho taala alaihi wasallam

📕 Hayatul haiwan,jild 1,safah 97

Ab bhi 4 ambiya ikram zinda hain

01. hazrat eesa alaihissalam
02. hazrat idrees alaihissalam
03. hazrat khizr alaihissalam
04. hazrat ilyas alaihissalam

📕 Tafseere nayimi,jild 1,safah 881

Ab tak 2 ambiya ikram ne nikah nahin farmaya

01. hazrat yahya alaihissalam
02. hazrat eesa alaihissalam,ye aasman se utarne ke baad nikah karenge

Hazrat daaniyal alaihissalam ne dua ki thi ki maula mujhe ummate muhammadiya me se koi dafn kare to jab hazrat abu moosa ashari raziyallahu taala anhu tashtar ka qila fatah kiya to ek taboot me Hazrat daaniyal alaihissalam ka jasde mubarak is tarah tha ki jism ki saari ragein chal rahi thi aur khoon rawa tha, so aapne unhein dafn kar diya

📕 Albidaya wannihaya,jild 2,safah 4

Hazrat moosa alaihissalam ne ummate muhammadiya me paida hone ki tamanna zaahir ki thi

📕 Madarejun nubuwat,jild 1,safah 114

Koi bhi nabi kisi ka shagird nahin bana siwaye hazrat moosa alaihissalam ke ki aap ilm ki khatir hazrat khizr alaihissalam ki baargah me haazir hue

📕 Tafseere nayimi,jild 1,safah 293

Nabiyon me sabse lambi umr hazrat nooh alaihissalam ne paayi aap 1600 saal duniya me rahe

📕 Almalfooz,hissa 1,safah 74

huzoor sallallaho taala alaihi wasallam aur hazrat moosa alaihissalam ne bila waasta apne rub se baat ki hai


📕 Tafseere saavi,jild 3,safah 27