ad 1

AHLE BAIT KE NAAM JO KARBALA ME SHAHEED HUYE (शोहदा-ए -करबला )



Shohda-E-Karbala


करबला में क़यामते सुग़रा


"हैरत दर हैरत वाली बात ये है कि जिस लश्कर में सिर्फ 82 लोग हों जिनमें औरतें और बच्चे भी हों और फिर ना उनके पास जंगी सामान हो उनसे लड़ने के लिए 22000 का लश्कर मय साज़ो सामान के,फिर भी यज़ीदियों के डर की इंतिहा देखिये कि इतनी बड़ी फौज रखने के बावजूद उन हाशमी शेरों से लड़ने की हिम्मत ना थी सो 500 घुड़सवार का लश्कर अलग से नहरे फुरात पर बिठा दिया ताकि उन्हें पानी ना मिलने पाये,कर्बला का वाक़िया ऐसा वाक़िया है जो सुन्नी तो सुन्नी बल्कि ग़ैर सुन्नी यहां तक कि ग़ैर मुस्लिमों तक को पता है,पर आपको उन बातों से रूबरू कराता हूं जो शायद कि आपके इल्म में ना हो,72 हज़रात इस जंग में शहीद हुए उन सबकी फ़ेहरिस्त अक्सर आजकल हर ग्रुप में भेजी जाती है,पर उनमें से जो हज़रात अहले बैत से हैं उन मुक़द्दस हस्तियों के नाम दर्ज करता हूं |"

हज़रत इमाम हसन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के 4 साहबज़ादे इस जंग में शहीद हुए:


हज़रत क़ासिम बिन हसन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु

हज़रत अब्दुल्लाह बिन हसन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु

हज़रत उमर बिन हसन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु

हज़रत अबु बकर बिन हसन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु



हज़रत मौला अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के दूसरी बीवियों से 5 साहबज़ादे इस जंग में शहीद हुए :


हज़रत अब्बास बिन अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु

हज़रत उस्मान बिन अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु

हज़रत अब्दुल्लाह बिन अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु

हज़रत मुहम्मद बिन अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु

हज़रत जाफर बिन अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु



हज़रते अक़ील के 4 फ़रज़न्द इस जंग में शहीद हुए:


हज़रत मुस्लिम बिन अक़ील रज़ियल्लाहु तआला अन्हु,ये इमाम आली मक़ाम के कर्बला पहुंचने से पहले ही अपने 2 बेटों के साथ शहीद कर दिए गए थे |

हज़रत अब्दुल्लाह बिन अक़ील रज़ियल्लाहु तआला अन्हु

हज़रत अब्दुर्रहमान बिन अक़ील रज़ियल्लाहु तआला अन्हु

हज़रत जाफर बिन अक़ील रज़ियल्लाहु तआला अन्हु |



आपकी बहन हज़रत ज़ैनब रज़ियल्लाहु तआला अन्हा के 2 बेटे शहीद हुए :


हज़रत औन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु |

हज़रत मुहम्मद रज़ियल्लाहु तआला अन्हु |



सय्यदुश शुहदा इमाम हुसैन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के अलावा आपके 2 बेटे भी शहीद हुए :


हज़रत अली अकबर बिन हुसैन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु |

हज़रत अली असग़र बिन हुसैन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु |



बाकी बचे हुए आपके अज़ीज़ थे जो शहीद हुए इसके अलावा हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु व हज़रत उमर बिन हसन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु व हज़रत मुहम्मद बिन उमर बिन अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु और कुछ कम उम्र साहबज़ादे क़ैदी बनाए गए,हज़रते सकीना रज़ियल्लाहु तआला अन्हा जिनका अक़्द हज़रत क़ासिम बिन हसन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के साथ मशहूर है,ये गलत है निस्बत हुई थी निकाह नहीं हुआ था,आपका निकाह मुस'अब बिन ज़ुबैर रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के साथ हुआ |

📕 खुतबाते मुहर्रम,सफ़ह 427-428

फुक़्हा - हुज़ूर सल्लललाहु तआला अलैहि वसल्लम फरमाते हैं, कि मेरा रब कहता है कि मैंने हज़रत यहया अलैहिस्सलाम के क़त्ल के बदले 70000 को सज़ा दी और हुसैन के बदले 140000 को सज़ा दूंगा |

📕 खसाइसे कुबरा,सफह 126