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जानिए गुमराह बदमज़हब जमाअत की पहचान क्या है ?


Gumrah Aur Bad Mazhab Jamat Ki Pehchan:


हदीस शरीफ़
हज़रत अबू हुरैरह रज़ीअल्लाहू तआला अन्ह से रिवायत है के हुज़ूर सल्लल्लाहू तआला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया:
आख़िरी ज़माना में एक गिरोह फ़रेब देने वालों और झूट बोलने का होगा वो तुम्हारे सामने ऐसी बातें लाएंगे जिनको ना तुमने कभी सुना होगा ना तुम्हारे बाप दादा ने, तो ऐसे लोगों से बचो और उन्हें अपने क़रीब ना आने दो ताके वो तुम्हें गुमराह ना करें और न फ़ित्ने में डालें,

(मिश्कात शरीफ़ सफ़ह 38)




➤ हज़रत शैख़ अब्दुल हक़ मुहद्दिस देहेलवी बुख़ारी रहमतुल्लाहि तआला अलैह तहरीर फ़रमाते हैं:
यानी एक ऐसी जमाअत पैदा होगी जो मक्कारी व फ़रेब से उल्मा मशाइख़ और सालेहा बनकर अपने को मुसलमानों का ख़ैर ख़्वाह और मुस्लेह ज़ाहिर करेगी ताके अपनी झूटी बातें फैलाए और लोगों को अपने बातिल अक़ीदों और फ़ासिद ख़यालों की तरफ़ राग़िब करे,
(अश्अतुल लमआत जिल्द 1 सफ़ह 133)

➤ हज़रत फ़क़ीह ए मिल्लत मुफ़्ती जलालुद्दीन अहमद अमजदी अलैहिर्रहमा फ़रमाते हैं, के इस गिरोह की पहचान ये है के उनके अक़ीदे सवादे आज़म अहले सुन्नत व जमाअत के ख़िलाफ़ होंगे,
(इल्म और उल्मा पेज 106)

ख़ुलासा ये है के जिस जमाअत का अक़ीदा मसलक-ए-आलाहज़रत के ख़िलाफ़ हो वो झूटे फ़रेबी मक्कार बदमज़हब हैं, इनसे बचना हर सुन्नी मुसलमान को बेहद ज़रूरी है,

ना इनके पीछे नमाज़ पढ़ें, ना इनसे दोस्ती और ना रिश्तेदारी करें, इसी में हम सबकी कामयाबी है,


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