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नाखुन काटने का सुन्नत तरीक़ा, इस सुन्नत को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक शेयर करे.


https://www.mydawateislami.com/2019/01/nakhun-katne-ka-sunnat-tarika.html
नाखून काटने का सुन्नत तरीक़ा


हज़रत अनस रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से मरवी है कि मूंछे और नाखून तरशवाने और बगल और ज़ेरे नाफ के बाल मूंडने में हमारे लिए 40 दिन का वक़्त मुकर्रर किया गया है कि इससे ज़्यादा ना छोड़ें, और बेहतर ये है कि हर जुमे को ये सारे काम किये जायें.

📕 तिर्मिज़ी, जिल्द 2, हदीस 2759



➤ नाखून काटने का तरीक़ा -


सबसे पहले दायें हाथ की शहादत की ऊंगली से शुरू करके छंगुलिया तक जायें फिर बायें हाथ की छंगुलियों से अंगूठे तक आयें और आखिर में दायें हाथ के अंगूठे का काटें, ये तरीक़ा हुज़ूर सल्लललाहो तआला अलैहि वसल्लम से साबित है और यही तरीक़ा मेरे आलाहज़रत का भी रहा है, पांव के नाखून काटने में खिलाल का तरीक़ा इस्तेमाल करें कि दायें पैर की छंगुलियों से शुरू करके अंगूठे पर खत्म करें फिर बायें पैर के अंगूठे से शुरू करके छंगुलियों तक ले जायें.

📕 बहारे शरीयत, हिस्सा 16, सफह 196


➤ नाखून बढ़ाने के नुकसानात - 


साईन्सी तहक़ीक़ के मुताबिक एक सेहत मंद आदमी का नाखून हर महीने 3 मिलीमीटर तक बढ़ता हैं इस तरह एक नार्मल आदमी की उंगलियां 50 सालों में तकरीबन 1.8 मीटर नाखून पैदा करती है, सोशल मेडिसिन की रिपोर्ट के मुताबिक बढ़े हुए नाखून से टाईफाइड-इसहाल-पेचिस-हैज़ा आंतों में कीड़े और सूजन का मर्ज़ हो जाता है, तिब्बी उसूल के मुताबिक पेट के कीड़ों के अंडे अक्सर नाखून की जड़ में ही पोशीदा होते हैं अगर नाखून साफ ना किये जायें तो खाने के साथ ये जरासीम पेट के अंदर चले जाते हैं जिससे पेट में कीड़े पैदा होने का पूरा अमकान रहता है, जो औरतें नाखून बड़ा रखने की शौकीन होती हैं उनमें अक्सर खून की कमी पाई जाती है*

📕 इबादात और जदीद साईन्स, सफह 31


➤ नाखून को दांत से कुतरने पर बर्स यानि कोढ़ हो जाने का खतरा है माज़ अल्लाह,नाखूनों का बड़ा होना तंगीये रिज़्क़ का सबब है

📕 बहारे शरीयत, हिस्सा 16, सफह 195-196


"नाखून तो हम सभी काटते ही होंगे अगर थोड़ी सी एहतियात बरतें और सुन्नत के मुवाफिक ऐसा करें तो 100 शहीदों का सवाब पा सकते हैं, याद रखिये कल क़यामत के दिन बन्दा एक एक नेकी को भटकता होगा, आज मौक़ा है तो इन सआदतों से हर्गिज़ महरूम ना रहें."




➤फुक़्हा - जिसने किसी सुन्नत का मज़ाक उड़ाया या तौहीन की वह काफिर हुआ |

📕 किताबुल कबायेर, सफह 260

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