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दरगाह ख़्वाजा गरीब नवाज में लगे हुज़ूर ताजुशरिया के नारे , राफ़जी खादिम ने 200 लोगो की शिकायत।




ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (रह.) की दरगाह में हुज़ूर ताजुशशरिया और आलाहज़रत की शान और मुहब्बत में आशिके आलाहज़रत के द्वारा नारे लगाए गए जो दरगाह के गद्दीनशीन को बर्दाश्त न हो सका और उसने इस बात पर पुलिस कार्यवाही की मांग कर डाली।

सरवर चिश्ती की ओर से जारी शिकायती पत्र के मुताबिक, दरगाह शरीफ में करीब 200 बरेलवियों ने नारेबाजी की है। आलाहज़रत और हुज़ूर ताजुशशरीया ज़िन्दाबाद के नारे लगाये। सरवर चिश्ती ने कहा ये बरेली का प्रचार प्रसार के नारे लगा रहे थे जो यहाँ की परंपराओं और विचारधारा के खिलाफ है।

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सरवर चिश्ती के इस कारनामे पर जमात-रजा-ए-मुस्तफा के उपाध्यक्ष सलमान हसन कादरी ने कहा कि बुजुर्गो के दर पर बुजुर्गो के नारे ही लगेंगे। आला हजरत के चाहने वाले ख्वाजा के भी चाहने वाले हैं। मुहब्बत में नारे लगाए हैं। इसमें अकीदतमंदों पर कार्रवाई की मांग निंदनीय है।

हाल ही में कुछ दिनों पहले अजमेर शरीफ के खादिमो का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमे खादिमो ने हज़रत मुआविया और इमाम अहमद रज़ा खान साहब की शान में गुस्ताखी की गई थी। जिसके बाद से कुछ बरेलवी उलेमाओं ने उनके बायकॉट के फतवे निकले तो कुछ ने उन्हें अपनी हद में रहने चेतावनी दी।


बरेली शरीफ से हज़रत अमीन मिया कादरी साहब ने चेतावनी दी थी कि अजमेर शरीफ के खादिम अपनी हद में रहे और उन्होने दुनिया भर के सुन्नी मुसलमानों से अजमेर दरगाह के ख़ादिमों का बहिष्कार करने को कहा था। उन्होने कहा था कि गुस्ताख खादिमों की गालियां सुनने से बेहतर है कि घर पर ही ख्वाजा की फातिहा दिलाएं।